Friday, June 15, 2007

तेरी ही चाहत


छू लेंगे हम तुझे तेरे ख्वाबो में
पर रूबरू तुझसे कभी ना हो पाएँगे

तेरी ही चाहत है इस दिल में सनम
अब यह बात तुझे कैसे समझा पाएँगे

यूँ ही उतर आएँगे हम तेरे ही ख़यालो में
और तेरी रूह में बस उतर जाएँगे

है यही अपने प्यार की इतनी सी दस्तान अब
तेरी दुनिया हम सिर्फ़ ख्वाबो में बसा जाएँगे

जो मिलना चाहो मुझसे तो देख लेना अपने दिल में झाँक कर
एक हम ही हम तुझे वहाँ नज़र आएँगे !!!!!!!



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LOVE IS GOD - प्रेम ईश्वर है।
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3 comments:

मोहिन्दर कुमार said...

बहुत सुन्दर लिखा है रंजना जी,

प्यार का इजहार अक्सर मुश्किल होता है, और जो दिल में होते है, ख्यालों में होते हैं उन्हे कहीं और ढूंढने की जरूरत नही होती

archana said...

wah ....ranjana...

bahut khoob

archana

गिरिराज जोशी said...

वाह! :)